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बांझपन (Infertility) होने पर क्या करें? Allopathic treatment for infertility

  • पर्याय:-  Failure to Conceive, यानी बच्चा नहीं ठहराना।
            इसमें मरीज किसी बीमारी के कारण बच्चा पैदा करने में असमर्थ होता है यदि उसका कारण ठीक कर दिया जाए तो गर्भधारण की संभावना रहती है।

प्रकार (Types):-  १:-     पहला कारण यानी गर्भधारण कभी नहीं हुआ हो।
२:-     दूसरा कारण यानी मरीज को पहले बच्चा हुआ है परंतु अब काफी लंबे समय से गर्भधारण नहीं हो पा रहा है

👉 पुरुष में दोष (Faults of the Male)

कारण (Aetiology)

१:- असामान्य वीर्य- महिला के रोगी पति को वीर्य की जांच करवानी चाहिए। वीर्य सामान्य आने पर स्त्री को पूर्ण जांच करवाएं। वीर्य की जांच असामान्य आने पर कारण को ज्ञात करने की कोशिश करें और उसके अनुसार चिकित्सा करें।

२:- सामान्य वीर्य -
* Volume - 1.5 ml
* Liquification - 20 mts.
* Sperm count - over 15 million/ml.
* Mortality - atleast 60% show good morality.
* Abnormal forms - Not more than 20%

    यदि इनमें से किसी भी प्रकार का कोई अंतर वीर्य में दिख रहा है तो गर्भधारण करने की संभावनाएं बहुत कम होती है।

चिकित्सा (Treatment)
* रोगी को पौष्टिक भोजन जिसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक हो और साथ में बदाम शिलाजीत दूध व पनीर को लेते रहना चाहिए।

* शारीरिक व्यायाम रोजाना करना चाहिए।
* औषधि मे क्लोमीफेन और tamoxifen लेते रहना चाहिए यह औषधियां लंबे समय तक लेनी चाहिए।
* बीच-बीच में वीर्य की जांच करवाएं।
* फायदा ना होने पर रोगी को विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं।
* टैब. पोपसोन (Popson) दिन में एक बार ले।
* टैब. सस्टिनेक्स (Sustinex) 30mg रात में सोने से पहले।

👉 औरतों में दोष (Faults of the Female)

कारण (Aetiology)
* जन्मजात बीमारी जिसमें शुक्राणु का अंडे तक नहीं पहुंच पाना।
* पेडूओ में सूजन।
* गोनोरिया, क्षय रोग।
* योनि द्वार में संक्रमण और अल्सर।
* बार बार सफेद स्राव का आना
* स्थानी संक्रमण और सूजन।
* रसौली।
* Ovulation Time की जानकारी ना होना।

जांच:- 
*इतिहास- मासिक धर्म पहले कभी बच्चे हुए हैं या कोई खराब हुआ है सफेद स्राव कोई दर्द आदि के बारे में विस्तृत जानकारी लें वह उससे संबंधित इलाज करें।
* सामान्य परीक्षण महिला चिकित्सा द्वारा करवाएं जिसमें कोई स्थानीय समस्या के बारे में पता लगाया जा सके।
* एचएसजी-  मासिक धर्म समाप्त होने पर परीक्षण करवाएं। इसमें यदि कहीं ट्यूब में रुकावट होगी तो पता लग जाएगा।

* ओवुलेशन का पता लगाने को निम्न टेस्ट करें-
(a) शारीरिक तापमान।
(b) Endomaterial biopsy.
(c) Fern Test

* I- Sure test:- मासिक आने की 10 दिन से एक ही समय पर पेशाब जांच द्वारा I-SURE TEST करें। यदि टेस्ट सकारात्मक (positive) आता है तो 24-36 घंटे में अंडा बच्चेदानी में आ जाएगा उसी के अनुसार मरीज को संभोग करने को कहें।

* Post Coital test सामान्यतः यह जांच संभोग के तुरंत बाद 4 से 6 घंटे के अंदर होनी चाहिए। इसमें 10 से 15 मोटइल स्पर्म पर हाई पावर फील्ड देखे जाते हैं। इस जांच की से रोटी 100% नहीं है इसलिए इसको करने में ज्यादा फायदा नहीं मिलता।

चिकित्सा:-
* रसौली का शल्य चिकित्सा द्वारा उपचार करें।
* यदि ट्यूब में adhesion है तो वह भी शल्य चिकित्सा द्वारा ही हटाए जाते हैं।
* ENDOCRINE TREATMENT:-  यदि ओव्यूलेशन नहीं होता है तो Fertomid 50 मिलीग्राम टेबलेट Daily for 5 days प्रत्येक महीने मासिक धर्म शुरू होने के पांचवे दिन से देते हैं। यदि गर्भपात नहीं हो तो दूसरे चक्र के पांचवें दिन से 100 मिलीग्राम नित्य दे। फिर भी नहीं हो तो तीसरे चक्र में 150 मिलीग्राम नित्य दें। इसी क्रम में से जरूरत रहने पर 200 मिलीग्राम तक नीत्य दें इससे अधिक या 6 चक्र से अधिक ना दें प्रत्येक चक्र में पांचवें से दसवें दिन का कुल 5 दिन ही सेवन कराएं उसके बाद  हार्मोनल जांच करवाकर जरूरत होने पर हार्मोन थेरेपी दी जाती है।

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